ख़ामोशी सबसे अच्छी चीज़ है !
ख़ामोशी सबसे अच्छी चीज़ है!
लोग अपने अन्दर छुपी बुराइयों को नहीं देखते हैं, दूसरों के गिरेबान में झांकते हैं, कोई इंसान दूध का धुला नही होता है, गलतियां हर इंसान से होती हैं, लेकिन कुछ लोग गलतियां भूल कर करते हैं, और कुछ लोग गलतियां जानबूझ कर करते हैं।
हमें चाहिए की हम दूसरों पर नुक्ता-चीनी करने से पहले अपने गिरेबान में झांक कर देख लें की कहीं हम में तो कोई गलती नही है, उसके बाद दूसरों की गलतियां लोगों से बयान करें।
हमें दूसरों में गलतियां ढूंढने से क्या मिलेगा ? उससे हमारा कोई फ़ायदा नहीं होगा ! लेकिन हम दूसरों में गलतियां ढूंढ कर बयान करने से लोगों की नज़र में अपनी इज़्ज़त को कम कर देंगे, हर इंसान को अपना दुश्मन बना लेंगे, इस लिए हमें चाहिए की हम दूसरों की गलतियां लोगों से ना बयान करें बल्कि उन गलतियों को छुपाने की कोशिश करें।
जिस इंसान में गलतियां हैं, उस इंसान से जब कभी मिलें तो चुपके से बता दें कि भाई आपके अंदर ये गलतियां हैं, आप इनको सुधारने की कोशिश करें।
एक दाना (बुद्धिमान) से किसी ने पूछा की लोग आप पर तरह-तरह के झूठे इल्ज़ाम लगाते हैं और आप उनको जवाब क्यों नही देते हैं ?
दाना ने कहा : मैं उनको जवाब में कहता हूं की “भाई आप ठीक कह रहे हैं !”
तो उस शख़्स ने कहा : आपको भी अपनी बात रखनी चाहिए, उन झूठे इल्ज़ामों का जवाब देना चाहिए, आप कोई दलील क्यों नही देते हैं ?
दाना ने फिर कहा : “भाई आप ठीक कह रहे हैं!”
इज़्ज़तदार पढ़ा लिखा बुद्धिमान इंसान लोगों के झूठे इल्ज़ामों पर खामोश रहता है, और जाहिल इंसान झूठे इल्ज़ामों पर लोगों से बहस करता है।
लेखक : इमरान गाज़ी
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