मुसलमानों का शिकार

 

      भारतीय मुसलमानों का शिकार

एक बार एक शिकारी जंगल से एक तीतर को पकड़ कर लाता है, और उसे अपने घर में एक अलग पिंजरे में रखता है, और उसे काजू, किशमिश और बादाम खिलाता है। 

जब तीतर बड़ा हो जाता है, तो वह उसे पिंजरे के साथ जंगल में ले जाता है, वहां एक जाल बिछाता है, और पिंजरे में तीतर को रख कर खुद एक झाड़ी के पीछे छिप जाता है, 

और तीतर से सीटी बजा कर बोलता है।  "बोल बेटा बोल" अपने मालिक की आवाज़ सुन कर तीतर ज़ोर ज़ोर से चिल्लाता है। उसकी आवाज़ सुन कर जंगल के सभी तीतर (यह सोचकर कि वह अपनी क़ौम में से है और मुसीबत में है चलो उसकी मदद करते हैं) खिंचे चले आते हैं, और शिकारी के जाल में फंस जाते हैं। शिकारी मुस्कुराता हुआ आता है, और पालतू तीतर को अलग  और बाकी तीतरों को अलग झोले में डाल कर घर ले जाता है, फिर अपने पालतू तीतर के सामने एक-एक करके दूसरे तीतरों को काटता है,  लेकिन पालतू तीतर खामोश रहता है!! 


यही स्थिति आज के मुसलमानों की है, शिकारियों ने अनगिनत तीतर पाल रखें हैं, जिसकी वजह से मुसलमान इन शिकारियों के जाल में फंस जाता है, और वह इसे कटता हुवा देखते हैं। लेकिन खामोश रहते हैं, क्योंकि उन्हें उनके हिस्से का खाना मिल जाता है !!

लेखक : इमरान गाज़ी

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