अभी भी समय है मसलमानों…

चंद्रशेखर, कंहैया कुमार, जिग्नेश जैसे लोग हमारे ही स्टेज पर खड़े हो कर मीठी मीठी बातें करके नेता बनेंगे।
और हमारी क़ौम के शरजील इमाम, उमर खालिद, खालिद सैफी जैसे चमकते हुए हीरे जेल जायेंगे!
आख़िर भारतीय मुसलमान कब तक गैरों के रहम-व-करम पर रहेगा ?
क्या हम मुसलमान गैरों की गुलामी करने के लिए पैदा हुए हैं ?
मुसलमानों आने वाला वक़्त हमें ये पैग़ाम दे रहा है कि 75 साल हो चूके हैं गैरों की गुलामी करते हुऐ, लेकिन उसके बावजूद भी आज हम सुरक्षित नहीं हैं, आज हमें हर गली और चौराहे पर भीड़ द्वारा लिंच किया जा रहा है, हमारी मस्जिदों और मदरसों को निशाना बनाया जा रहा है, हमारे मुखलिस उलमा-ए-कराम भी अब सुरक्षित नहीं हैं, हमारी मांओं और बहनों पर कीचड़ उछाला जा रहा है, लेकिन मुसलमानों अब भी वक़्त है मुत्तहिद हो जाओ और अपने हक़ की लड़ाई खुद लड़ो, अपने मुस्तकबिल के मालिक ख़ुद बनो किसी ऐसे शख़्स को अपना लीडर तस्लीम करो जो हमीं में से हो…
वरना आने वाला वक़्त इससे भी ज़्यादा भयानक होगा, उस वक़्त हमारे पास सिवाय अफ़सोस के कुछ नहीं होगा !

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